एनपीएस के कम रिटर्न से चिंतित निवेशक अब क्या करें? एक्सपर्ट्स दे रहे हैं ये सलाह 


नई दिल्ली. रिटायरमेंट के बाद की जिंदगी के लिए एनपीएस (नेशनल पेंशन स्कीम) में निवेश बेहतर माना जाता है. जितनी कम उम्र में इसमें निवेश करना शुरू करेंगे उतना ज्यादा आपका कॉर्पस बनेगा. कॉर्पस ज्यादा बनेगा तो रिटायरमेंट के बाद पेंशन भी ज्यादा मिलेगा.

मगर मौजूदा समय में एनपीएस पर रिटर्न कम मिल रहा है जिससे निवेशकों की चिंता बढ़ गई है. शेयरों के भाव, बॉन्ड और गवर्नमेंट सिक्योरिटीज में आई गिरावट की वजह से ऐसा हो रहा है. ऐसे में कुछ जानकार निवेशक शेयर बाजार में वापस आना चाहेंगे लेकिन एनपीएस में अंतरिम निकासी की अनुमति नहीं है. इस स्थिति में उन्हें क्या करना चाहिए, इस बारे में एक्सपर्ट्स से समझते हैं.

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लंबी अवधि पर फोकस करें
विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी स्थिति में निवेशकों के लिए एकमात्र विकल्प यह है कि वे दीर्घकालिक दृष्टिकोण अपनाएं. लंबी अवधि को ध्यान में रखते हुए अपने इच्छित परिसंपत्ति आवंटन (एसेट् एलोकेशन) के मुताबिक निवेश पर ध्यान केंद्रित रखें. छोटी अवधि के उतार-चढ़ाव को रोकना नामुमकिन है. एनपीएस के कई निवेशक परिसंपत्ति आवंटन में ‘ऑटो’ का विकल्प चुनते हैं. यह समय-समय पर जोखिम के स्तर के मुताबिक परिसंपत्ति आवंटन को पुनर्संतुलित करना सुनिश्चित करता है. जबकि एक्टिव का विकल्प चुनने वाले निवेशकों को यह सुविधा नहीं मिलती है. ऐसे निवेशकों को अपने एसेट एलोकेशन पर नजर रखने की जरूरत है.

एसेट एलोकेशन को संतुलित करें
लैडर 7 फाइनेंशियल एडवाइजरीज के संस्थापक सुरेश सदगोपन का कहना है कि समय के साथ एनपीएस ग्राहकों की जोखिम लेने की क्षमता में परिवर्तन होता है. ग्राहकों को ऐसे उतार-चढ़ाव वाले समय में अपने परिसंपत्ति आवंटन को सही करना चाहिए. ऑटो का विकल्प चुनने वालों को एक एसेट क्लास से पैसा निकाल कर दूसरे में निवेश करना चाहिए. स्विच के जरिये मौजूदा उतार-चढ़ाव के माहौल का फायदा एनपीएस के निवेशक उठा सकते हैं.

निवेश का है अच्छा समय
प्लान अहेड वेल्थ एडवाइजर्स के संस्थापक और चीफ फाइनेंशियल प्लानर विशाल धवन का कहना है कि फिक्स्ड इन्कम की योजनाओं में कम रिटर्न मिलता है और इक्विटी में इसकी तुलना में ज्यादा रिटर्न मिलता है. उनके मुताबिक, “यदि आपने अभी तक एनपीएस में निवेश नहीं किया है तो इसमें निवेश शुरू करने का यह अच्छा समय हो सकता है. मौजूदा निवेशकों के लिए भी यह अच्छा समय है, वे अभी और अधिक योगदान कर सकते हैं और लंबी अवधि में लाभ उठा सकते हैं.

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27 मई, 2022 तक के आंकड़ों के मुताबिक, पिछले एक साल में एनपीएस के इक्विटी, कॉरपोरेट बॉन्ड और गवर्नमेंट सिक्योरिटीज (जी-सेक) स्कीम्स में औसत रिटर्न घटकर क्रमशः 6.85 फीसदी, 2.18 फीसदी और 0.27 फीसदी रह गई है. रिजर्व बैंक द्वारा ब्याज दरों में वृद्धि और बाजार से लिक्विडिटी वापस लेने से शेयर मार्केट में भारी उतार-चढ़ाव का दौर शुरू हो गया है. इसी तरह बॉन्ड बाजार में भी गिरावट जारी है. 28 मई, 2021 तक एनपीएस के इक्विटी स्कीम्स ने जहां निवेशकों को 62.28 फीसदी का औसत रिटर्न दिया था, वहीं बॉन्ड में 9.15 फीसदी का रिटर्न मिला था. जी-सेक में औसत रिटर्न 4.87 फीसदी था.

Tags: National pension, New Pension Scheme, NPS, Pension scheme



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