Mutual Fund Investment : बढ़ती ब्याज दरों के दौर में म्यूचुअल फंड से लाभ कैसे उठाएं?


नई दिल्ली . भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की ब्याज दरों में बढ़ोतरी का व्यापक प्रभाव पड़ेगा. म्यूचुअल फंड भी इससे अछूते नहीं र​हेंगे. ऐसे हालात में म्यूचुअल फंड निवेशक अपने रिटर्न पर इसके प्रभाव का अनुमान लगाने में व्यस्त हैं. इन्वेस्टमेंट एक्सपर्ट्स का मानना है कि ब्याज दरों में बढ़ोतरी 6 महीने से 2 साल की छोटी अवधि में इक्विटी म्यूचुअल फंड के रिटर्न को प्रभावित कर सकती है.

हालांकि, एक्सपर्ट्स यह भी स्पष्ट करते हैं कि इक्विटी म्यूचुअल फंड लॉन्ग टर्म निवेशकों के लिए ब्याज दरों का उनके रिटर्न पर ज्यादा असर नहीं पड़ेगा. इसका कारण यह है कि बाजार मध्यम से लंबी अवधि में नुकसान को कम कर देगा. एक्सपर्ट्स ने कहा कि ऐसे शॉर्ट टर्म इनवेस्टर्स, जो 6 महीने से लेकर 2 साल तक के लिए निवेश करना चाहते हैं, उन्हें डेट म्यूचुअल फंड्स में निवेश करना चाहिए. शॉर्ट टर्म टाइम होरिजन के लिए खासकर लिक्विड, मनी मार्केट और बॉन्ड फंड्स में निवेश बेहतर है.

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अल्ट्रा-शॉर्ट टर्म बॉन्ड चुन सकते

मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक, लिक्विड, मनी मार्केट और बॉन्ड फंड्स में निवेश से निवेशकों को मौजूदा वार्षिक औसत रिटर्न से 0.5 से 1 फीसदी अधिक रिटर्न मिलने की उम्मीद है. उनका मानना है कि बढ़ोती ब्याज दरों के बीच म्युचुअल फंड निवेशकों को अपना पोर्टफोलियो में उन फंडों को शामिल करना चाहिए, जो 2 साल तक में मैच्योर हो जाए. माईफंडबाजार के सीईओ और फाउंडर विनीत खंडारे ने ने लाइवमिंट संस्थापक को बताया कि निवेशकों को 1 महीने या उससे कम की अवधि के लिए अल्ट्रा-शॉर्ट टर्म बॉन्ड फंड में निवेश करना चाहिए. वहीं 1 महीने से 3 महीने के लिए उनको मनी मार्केट फंड का चुनाव करना चाहिए.

पोर्टफोलियो में बदलाव जरूरी

एक्सपर्ट्स का मानना है कि बढ़ती महंगाई को देखते हुए ब्याज दरों में हो रही वृद्धि के बीच निवेशकों को अपने मौजूदा डेट फंड पोर्टफोलियो को बदलना होगा. बढ़ती ब्याज दरों का लाभ उठाने के लिए कंजर्वेटिव निवेशकों को लिक्विड और मनी मार्केट फंड जैसे शॉर्ट टर्म फंड को देखना चाहिए.

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डायनेमिक बॉन्ड फंड को देख सकते

वहीं, बॉन्ड यील्ड की चर्चा करें, तो 1 साल की बॉन्ड यील्ड 5.1 फीसदी से 5.20 फीसदी के दायरे में कारोबार कर रही है. रेपो रेट में बढ़ोतरी के कारण बॉन्ड मार्केट में भी अगले 2 वर्षों में मजबूत वृद्धि दिखेगी. 10 साल के भारत के बॉन्ड की यील्ड पिछले दिनों के 7.11 फीसदी की तुलना में बढ़कर 7.36 फीसदी पर पहुंच गई. लंबे समय के निवेशक उच्च जोखिम को ध्यान में रखकर डायनेमिक बॉन्ड फंडों को देख सकते हैं.

Tags: Business news in hindi, Debt investments, Investment, Mutual funds



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