QR Code Bar Code Quick Response Code


What Is Difference Between QR Code and Bar Code: बार कोड वन डाइमेंशनल, सीधी लाइन का समूह होता है जिसमें किसी भी जगह, सामान आदि से संबंधित जानकारियां होती हैं. वहीं क्यूआर कोड यानी क्विक रिस्पॉन्स कोड 2डी कोड होता है जिसमें लाइन की जगह छोटे-छोटे स्क्वेयर का समूह होता है और जिसके माध्यम से जानकारी ली भी जा सकती है और जानकारी भेजी भी जा सकती है.

क्यूआर कोड

क्विक रिस्पॉन्स कोड का इस्तेमाल हम अक्सर पेमेंट करने या पेमेंट लेने के लिए करते हैं. वहीं किसी ऐप को डाउनलोड करना हो, किसी इवेंट की बुकिंग करनी हो या किसी वेबसाइट पर जाना हो, क्यूआर कोड को स्कैन करते ही हमें मंजिल मिल जाती है. क्यूआर कोड का सबसे पहला इस्तेमाल 1994 में ऑटोमोबाइल के स्पेयर पार्ट्स से संबंधित जानकारी इकट्ठा करने के लिए किया गया था. क्यूआर कोड को हम अपने फोन, टैबलेट या स्कैनर से स्कैन कर सकते हैं.

बार कोड

बार कोड के जरिये किसी भी सामान की जानकारी जैसे उसे कहां बनाया गया, उसमें किन-किन सामग्रियों का इस्तेमाल किया गया, उसे कब बनाया गया, उसकी एक्सपायरी कब है, उसे किस ट्रेडमार्क के तहत बनाया गया आदि जानकारियां होती हैं. बार कोड एक बड़े डाटा को छोटी सी जगह में समेट देने का सबसे कारगर तरीका है. बार कोड केवल सामान के पैकेट पर ही नहीं बल्कि सिनेमा हॉल, अस्पताल, रेस्त्रां आदि के बिल पर भी नजर आता है. बार कोड का इस्तेमाल 1948 में च्विइंग गम के पैकेट पर किया गया था. बार कोड को स्कैन करने के लिए स्कैनर की आवश्यकता होती है. हालांकि हम अपने फोन, टैबलेट या डेस्कटॉप पर विशेष ऐप डाउनलोड कर उसके माध्यम से भी बार कोड को स्कैन कर सकते हैं.

आसान भाषा में कहें तो दोनों की कोड्स यानी क्यूआर कोड और बार कोड में डाटा स्टोर होता है. लेकिन बार कोड में हम जहां केवल डाटा देख सकते हैं, एक्सेस कर सकते हैं, वहीं क्यूआर कोड में डाटा एक्सेस करने के साथ-साथ डाटा शेयर भी कर सकते हैं. उदाहरण के तौर पर, सुपरमार्केट में नूडल के पैकेट पर बने बार कोड को स्कैन करेंगे तो उसके उत्पादन की तारीख, जगह, उत्पादक, डिस्ट्रिब्यूटर, एक्सपायरी से संबंधित जानकारी मिल जाएगी, लेकिन बार कोड को स्कैन कर हम अपनी ओर से कोई जानकारी किसी अन्य तक नहीं पहुंचा पाते. वहीं सुपरमार्केट के पेमेंट काउंटर पर लगे क्यूआर कोड को स्कैन करने पर हमें जहां पेमेंट लेने वाले का नाम, बैंक का नाम आदि जानकारी मिलती है वहीं हम अपनी ओर से भी अपना नाम, बैंक का नाम, पेमेंट की गई राशि से संबंधित जानकारी पेमेंट करने वाले तक पहुंचा सकते हैं.

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